समाज की सुरक्षा और शांति के लिए अपराधीकरण पर लगाम आवश्यक– कृपाशंकर सिंह

मुंबई
समाज में बढ़ते अपराधीकरण पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए महाराष्ट्र के पूर्व गृहराज्य मंत्री कृपाशंकर सिंह ने कहा कि समाज की सुरक्षा और शांति के लिए अपराधीकरण पर प्रभावी लगाम आवश्यक है। उन्होंने कहा कि निर्भय और सुरक्षित समाज से ही राष्ट्र की मजबूती और विकास संभव है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा अपराध निर्मूलन की दिशा में की जा रही कार्रवाई की तारीफ करते हुए कृपाशंकर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के अपराध मुक्त बनने से औद्योगिक पूंजी निवेश बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि अपराधीकरण पर लगाम लगने से ही उत्तर प्रदेश, उत्तम प्रदेश के रूप में अपनी पहचान बना सकता है। उत्तर प्रदेश पुलिस की सराहना करते हुए कृपाशंकर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस अपनी जान हथेली पर रखकर प्रदेश को अपराध मुक्त बनाने की दिशा में लगातार सराहनीय काम कर रही है ।आने वाले दिनों में इसके अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे।

कोविड-19 में बेहतर कार्य करने के लिए औराई के पत्रकार सम्मानित।

औराई,भदोही। सरकार के तरफ कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए जागरूकता फैलाने और लोगों को मदद करने तथा मास्क इत्यादि वितरण करने के लिए काफी लोग सहयोगी साबित हुए जिसके क्रम में विभिन्न संगठन और संस्थाओं द्वारा बेहतर कार्य करने वाले लोगों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करके उत्साहवर्धन किया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार विश्व हिन्दू रक्षा संगठन भदोही के तरफ से औराई के पत्रकार को सम्मानित किया गया। जिसमें पत्रकार प्रदीप दूबे “विक्की” शामिल है। संगठन के अध्यक्ष मोहित मिश्रा ने इस संकट काल में लोगों को जागरूक करने तथा सहयोग करने के प्रसस्ति पत्र देकर सम्मानित किया एवं बधाईयां दी।

सुरियावां, भदोही के क्षेत्र वह भदोही जिले का नाम रोशन करने वाले शिवांक रंजन पाल पिता श्रवण कुमार पाल अध्यापक है पिता साधारण परिवार और एक किसान है यह मूल रूप से गहोरवा,अभिया सुरियावा के निवासी हैं सीबीएसई बोर्ड मे 90% मार्क्स मिलने पर परिवार और क्षेत्र वासियों ने उनके पिता का मुंह मीठा कराया और विद्यार्थी से उनके लक्ष्य के बारे में लोगों ने जाना उन्होंने कहा कि हम डॉक्टर बन के गरीबों की सेवा करना चाहते हैं क्षेत्र का अपना नाम रोशन करना चाहते हैं हमारा जन्म से ही लक्ष्य है डॉक्टर बनना कक्षा 1 से 5 तक के है UP बोर्ड में पढ़ाई की हैं 6 से इण्टर सीबीएसई बोर्ड में English 94%बायोलॉजी 96 % प्राप्त किये।।

कवि पत्रकार रवि यादव कोरोना योद्धा सम्मान से सम्मानित

मुंबई
मुंबई महानगर के वरिष्ठ पत्रकार कवि और समाज सेवक रवि यादव को कोरोना संक्रमण काल में अपनी जान को दाव पर लगाकर सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में काम करने के लिए मुंबई की संस्थाओं ने कोरोना योद्धा सम्मान से सम्मानित किया है। इस संदर्भ में यदु यादव कोश के संपादक यस. यन .यादव तथा यूट्यूब न्यूज़ अलर्ट चैनल के संपादक दिलीप यादव ने कोरोना योद्धा प्रमाण पत्र देकर रवि यादव का गौरव बढ़ाया है । इस सम्मान के लिए मुंबई के तमाम पत्रकारों , कवियों तथा सगे संबंधियों ने ढेर सारी शुभकामनाएं दी हैं ।

कोरोना काल में अग्निशिखा काव्य मंच मुम्बई ने 51 गोष्ठी करके रचा इतिहास

मुंबई
जैसा कि आप सभी जानते हैं कि वैश्विक महामारी कोरोना की वजह से पूरा विश्व प्रभावित हुआ है औऱ भारत भी इससे अछूता नहीं रहा है यहां के लोग भी ४ महीनों से अधिक समय से घरों में कैद हैं जिससे हर तरह की सामाजिक गतिविधियां बंद हो गयी हैं। लोगों को सिर्फ़ औऱ सिर्फ़ सामाजिक दूरी का पालन करते हुए ही ज़रूरी कामों को करने की इजाज़त दी गयी है। ऐसे में लम्बे वक़्त से घरों में बंद लोग डिजिटल माध्यम से ही एक-दूसरे के संपर्क में हैं जो सुरक्षित और कारगर तरीका भी है। इस मुश्किल वक़्त में
एक सराहनीय प्रयास किया है अखिल भारतीय अग्निशिखा मंच मुंबई ने, जिसकी सरंक्षक अध्यक्ष हैं डॉ अलका पांडेय. इस कोरोना काल में अग्निशिखा मंच के द्वारा अभी तक कुल मिलाकर 51गोष्ठियों का समापन किया जा चुका है, जिसमें पहले तो 40 दिन लगातार हर रोज काव्य पाठ किया जाता रहा लेकिन बाद में लोकडाऊन ढीला पड़ने से इसको प्रत्येक रविवार को दो सत्रों में विभाजित कर दिया गया! अप्रैल से लेकर अभी तक 51 ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित किये जा चुके हैं जो अभी भी जारी है। अलका पांडेय ने साहित्यकारों के साथ-साथ युवा रचनाकारों को भी लोगों से जुड़ने का मौका दिया है। जिसका जीता जागता है हिमाचल प्रदेश के युवा शायर कवि लेखक चंदेल साहिब.
अग्निशिखा काव्य मंच सामाजिक ,साहित्यिक संस्था की संस्थापक और आयोजक अलका पांडेय हैं। अलका का मानना है कि हर किसी को अपनी काबलियत साबित करने का मौका देना चाहिए जो उन्होंने अग्निशिखा मंच के द्वारा देश ही नहीं अपितु विदेशों में रह रहे भारतीयों को भी प्रदान किया!
आज का कार्यक्रम दो कारणों से सबसे हट कर, भव्य औऱ शानदार रहा, एक तो आज अग्निशिखा परिवार ने अपने 51 गोष्ठी कार्यक्रम पूरे किए जो कि हमारे हिंदू शास्त्रों के अनुसार भी बहुत बढ़िया व शुभता का अंक मन जाता है
और दूसरा कारण आज के मुख्यातिथि थे!
मुख्य अतिथि श्री हरि वाणी – कानपुर (वरिष्ठ साहित्यकार) उपस्थित थे ।

विशिष्ठ अतिथी में हेमंत दास हिम – मुम्बई ( सम्पादक बेजोड़ इंडिया ) उपस्थित थे एवं श्रीमती आशा जाकड ( साहित्यकार ) इंदौर उपस्थित थी।

कार्यक्रम के अंध्यक्ष पी एल शर्मा ( सम्पादक -अमृत राजस्थान ) थे। अखिल भारतीय अग्निशिखा मंच का 51 वां ऑनलाइन कवि सम्मेलन भव्य उत्तम व शानदार रहा! इस काव्य गोष्ठी का ऑनलाइन आयोजन संस्था की अध्यक्षा डॉ अलका पांडेय साथ में उनके अनुज चंदेल साहिब के द्वारा किया गया। मंच का संचालन बहुत ही सदाबहार रहा जो की कभी भुलाया नहीं जा सकता, कार्यक्रम दो शत्रों में किया गया! पहले शत्र में संचालनकर्ता की भूमिका को मिलकर निभाया मुंबई से अलका पांडेय ,हिमाचल के शायर चंदेल साहिब (विक्की चंदेल), औऱ मधुर आवाज की धनी प्रतिभा पराशर ने,

आज के मुख्य अतितिथियों
श्री हरि वाणी जी – कानपुर (वरिष्ठ साहित्यकार)
विशिष्ठ अतिथी-
२) श्री हेमंत दास हिम – मुम्बई ( सम्पादक बेजोड़ इंडिया )
पी एल शर्मा:-अमृत राजस्थान के वरिष्ठ पत्रकार, श्रीमति आशा जाकड़ जी और सुनील मिश्रा एक्टर राइटर छतीसगढ़ ने काव्य पाठ के मंच की शान को चार चांद और लगा दिए,
दूसरे शत्र को संभाला अलका जी, जनार्दन शर्मा, सुरेंद्र कुमार शर्मा, शोभा रानी तिवारी जी ने, सह संयोजक की भूमिका कवि आनन्द जैन अकेला जी ने निभाई!
निर्णायक का कार्यभार
डॉ अरविंद जी ने बहुत खूबसूरती से निभाया, आभार का कार्य सफल हुआ संजय कुमार आदर्श मालवी केशव के मुख से औऱ सरस्वती वंदना की आशा जाकड़ व चंदेल साहिब हिमाचल प्रदेश से!
अलका पांडेय ने लिखा
कभी प्यार से हंसाती
है किताबे
कभी दर्द से रुलाती
है किताबे कभी खौफ
से डराती है किताबे
कभी अनबुझी पहेली सी उलझाती है किताबे
हाँ हाँ किताबे
चंदेल साहिब ने फ़रमाया
खुली क़िताब की तरह सँजो रखा है अपने दिल को साहिब
वही टूटे ख़ाब अधूरे जज़्बात औऱ पुराने ख़्यालात
इन्तेजार है उस वक़्त का जब- दोनों को मिलाएगी क़ायनात

“पन्ने पन्ने बिखर गये “
अक्षर भी सब मौन रहे
तू मुझमें, मैं तुझमें हूँ
किसकी गाथा कौन कहे
पीड़ा की सीमा से आगे
कैसी पीड़ा, कौन सहे
अनहद में गीतों को रच देंं, ऐसे छन्द सवैया हों..
मैं पिंजरे का पँछी बेबस, तुम आजाद चिरैया हों…
*** श्रीहरि वाणी ***
घर में बैठा बतियाता हर कोई हंस रहा है
बूढ़ों को गर्मी से राहत और जवां मन में हिलोर
बरखा से पनपी लहरों में युगल विवश रहा है।
लाख मुसीबत रहने पर भी सावन है तुष्टि का नाम
चाहे आलिंगन मिल रहा या विरह डंस रहा है
-हेमन्त दास ‘हिम’

रिमझिम मेंहा बरसे अपने आंगन में बारिश की हम धूम मचावे सावन में
पेड़ों पर हम झूला डालें सखियों संग संग झूलेंगे
ऊंचे ऊंचे पैग बढ़ाकर कर गीतों के स्वर गूंजेगे
खुशियों के हम मृदंग बजावे उपवन में
आशा जाकड़़

साँवरिया आये नहि !
नैहर की रीत मोहें भायें नहीं
सैंया संग लागी हैं नज़रिया
सावन में बरसी बदरिया रे
साँवरिया आये नहीं
बह गई हैं सारी कजरिया रे
सवरियाँ आयें नहि

श्रीमती अनिता शरद झा !
रायपुर छत्तीसगढ़

बारिश की झमाझम बरसती बूंदे,
विरहा की अग्नि में घी का काम करती।
ऐसे में दीदार हो सजन तेरा तो,
मेरी अंतरात्मा भी भव सागर तरती।

सुनीता चौहान हिमाचल प्रदेश

माह सावन ,
महक रस धार,
छठा निराली।
मधु वैष्णव “मान्या”
जोधपुर राजस्थान
पहला अक्षर जब पढ़ना सीखा तो शब्दों से पहचान हुई
और शब्दों को जब गढ़ना सीखा तो किताबें मित्र हमारी खास हुई।
रानी नारंग
सावन जब भी आता है!
तंहाई का एहसास कराता है!!
लौट आ रूठ के जाने वाले!
अकेला पन बहुत सताता है!!
डा. महताब अहमद आज़ाद
उत्तर प्रदेश
सतरंगी वसुंधरा पर, फैली मोहक हरियाली है।
बहार श्रावणी व्याप्त हर तरफ, लगती छटा निराली है।।
कवि आनंद जैन अकेला कटनी मध्यप्रदेश

सावन आयो ये हो सावन आयो ये
उमड़ घुमड़ कर आई बदरिया।
आसमान में छाए बदरिया।
छम छम छम छम बिजुरिया चमके।
तन मन को हर्षाए बदरिया।।
शोभारानी – तिवारी

आयो सावन मैं बांट निहारु।
आयो सावन मै बांट निहारु।
अमुवा की डाली पे झूला पड़गए।
राधा झूले कन्हैया झूला रए।
वंदना शर्मा बिंदु देवास
मेरी आज की कविता “सावन का महीना”की दो लाइन।
हिन्दू धर्म में सावन मास का
बड़ा महत्व है
ये रिमझिम झिमझिम रस बरसाता
बन जाता उत्सव है।।
शकुंतला (पावनी ), चंडीगढ़
वो कौन थी

आकर मेरे सिरहाने
करने लगी मुझसे बात
मेरी किताब…
कांता अग्रवाल
चहु और प्रकृति बारीश की बूंदो के सामिप्य से मुस्काई,सावन कि ऋतु आई,,,,,
कड़कती बिजली, और तेज बारीशो की फूहारो से ठंडी हवा आई घूम के,आया सावन झूम के।
जनार्दन शर्मा

प्रतिभागी कवियों, साहित्यकारों में प्रमुख रूप से-
1) मंजुला वर्मा हिमाचल प्रदेश
2)अंकिता सिन्हा जमशेदपुर
3) सुनीता चौहान हिमाचल प्रदेश
4)सुनीता अग्रवाल इंदौर मध्यप्रदेश
5)द्रोपती साहू सरसिज छत्तीसगढ
6)ज्ञानेश कुमार मिश्रा
7) गुरिंदर गिल मलेशिया
8) मधु वैष्णव जोधपुर
9) शोभा किरण,जमशेदपुर
10) इन्द्राणी साहू साँची छत्तीसगढ़
11)शेखर राम कृष्ण तिवारी
12) वैष्णो खत्री वेदिका
13)सुषमा शुक्ला इंदौर
14) शकुंतला (पावनी )
राज्य चंडीगढ़।
15) शुभा शुक्ला निशा
रायपुर छ्तीसगढ़
16)शोभा रानी तिवारी
17)दिनेश शर्मा
18)ज्योति जलज
19) सीमा दूबे साँझ
20)”पद्माक्षी शुक्ल, पुणे,
21) रामेश्वर प्रसाद गुप्ता, नवी मुंबई,
22) ओमप्रकाश पांडेय, खारघर नवि मुंबई
23) रागिनी मित्तल कटनी
24) अश्मजा प्रियदर्शिनी पटना
25)आनंद जैन अकेला कटनी
26) संजय मालवी आदर्श
27) प्रतिभा कुमारी पराशर
28)ऐश्वर्य जोशी कापरे
29) विजया बाली
30)चंदेल साहिब बिलासपुर
31) सुनील दत्त मिश्रा एक्टर डायरेक्टर छतीसगढ़
31)कान्ता अग्रवाल गुवाहाटी
32) डॉ. दविंदर कौर होरा,
33)रानी नारंग जी,
34) मुन्नी गर्ग
35) डॉ संगीता पाल कच्छ गुजरात
36)हीरा सिंह कौशल हिमाचल प्रदेश
37)माधवी अग्रवाल आगरा
38) डॉ पुष्पा गुप्ता मुजफ्फरपुर बिहार
39) डा. महताब अहमद आज़ाद
उत्तर प्रदेश
40) अलका पांडेय मुंबई
41)रजनी अग्रवाल जोधपुर
42) चन्दा डांगी
43) उपेंद्र अजनबी गाजीपुर उत्तर प्रदेश
44) प्रेरणा सेन्द्रे
45) अवतार कौंडल
46) ममता तिवारी इंदौर
47) छगनराज राव “दीप” जोधपुर
48) दीपा परिहार “दीप्ति” जोधपुर
49)ज्योति भाष्कर ज्योतिर्गमय (बिहार)
50) स्मिता धीरसरिया . बारपेटा रोड
51)पदमा ओजेंद्र तिवारी मध्य प्रदेश
52)डॉ रश्मि शुक्ला प्रयागराज
53) रविशंकर कोलते
54)सावित्री तिवारी दमोह
55)नीलम पांडेय गोरखपुर
56)मीना गोपाल त्रिपाठी
57)डॉ साधना तोमर बागपत
58)मीना कुमारी परिहार पटना
59) जनार्दन शर्मा आशूकवि
60)गीता पांडेय “बेबी” जबलपुर
61) वंदना शर्मा बिंदु देवास
62)डॉ लीला दीवान
63)रेखा पांडे
64) गोवर्धन लाल बघेल छतीसगढ़
65) डॉ राम स्वरुप साहू कल्याण
66)भरत नायक “बाबूजी”
लोहरसिंह, रायगढ़ (छ.ग.)
67) गरिमा लखनऊ
68)प्रिया उदयन, केरला
69) मीरा भार्गव सुदर्शना कटनी मध्यप्रदेश
70) सुरेन्द्र हरडे कवि नागपुर
71) आशा जाकड़ जी
72) मनीष कुमार सिंह गाजीपुर उत्तर प्रदेश
73) अनिता मंदिलवार सपना
74) डॉ नेहा इलाहाबादी दिल्ली
75) डाॅ0 उषा पाण्डेय
कोलकाता
76) वंदना श्रीवास्तव
77) अनिता शरद झा
78) डां अंजुल कंसल- इंदौर
79) अर्चना पाठक निरंतर
अम्बिकापुर
80)डॉ गुलाब चंद पटेल, गांधी नगर
81) कल्पना भदौरिया नाम
“प्रतिभा कुमारी पराशर”

82) विजयकांत द्विवेदी

83) निहारिका झा खैरागढ़

“84) डॉ अलका पांडेय मुंबई”

“85) चंदेल साहिब” बिलासपुर हि. प्र.
86) श्री हरि वाणी – कानपुर
87) श्री हेमंत दास हिम – मुम्बई
88) आशा जाकड – इंदौर
89) पी एल शर्मा जी – राजस्थान
90) अश्विन पाण्डेय

मंच की उत्कृष्टता इसी बात से जानी जा सकती है कि यहाँ कोई भी बड़ा या छोटा नहीं सब एक बराबर है, सब एक दूसरे को सहयोग करते प्रेरित करते मार्गदर्शन करते एवं सब ने एक दूसरे को सुना व सराहा, निर्णायकों ने शपष्ट टिप्पणी दी सबको बहुत कुछ सीखने को भी मिला!
अभी तक 51) वें कवि सम्मेलन तक 4600/से ज्यादा कवियों ने कविता पाठ कर एक कीर्तिमान स्थापित किया है! किताब / सावन पर रंग जमा
एक दूसरे को सराहा, अपने काव्य पाठ से सभी को मंत्रमुग्ध किया”
पूरे भारत औऱ विदेश में रह रहे भाई बहनों को भी एक पटल पर लाकर खड़ा किया।
इतने लंबे अरसे से इस मंच ने एक परिवार की भांति सब को साथ जोड़े रखा तो इस सब का सारा का सारा श्रेय अग्निशिखा मंच को जाता है,तो इसलिए इस मंच की गरिमा औऱ शोभा बढ़ाने हेतू एक रचना कविता पाठ इसके नाम पर रखा गया, सभी रचनाकारों का यही मानना है की डाॅक्टर 51 वें कवि सम्मेलन तक की हिस्ट्री में यह विषय सबसे उत्तम विषय रहा!अलका पांडे ने बताया अगला आयोजन १९/७/२०२० का सम्मान समारोह होगा ।

पुलिस दबिश स्वजनों पर भारी दबाव से लवकुश तिवारी ने किया आत्मसमर्पण

जौनपुर: बरसठी थाना क्षेत्र के पथकौली संम्पतपुर निवासी शराब तस्करी अन्य अपराध में अभियुक्त लवकुश तिवारी अपने स्वजनों समर्थक शुभचिंतकों भारी भीड़ के साथ सोमवार 13.जुलाई को पुलिस दबिश के कारण बरसठी थाने में आत्मसमर्पण कर दिया है। थानाध्यक्ष ने आत्मसमर्पण की पुष्टि करते हुए बताया।
गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों समेत स्वजनों पर लगातार दबिश बनाया जा रहा था। आखिरकार पुलिस के बढ़ रहे दबिश को देखते हुए उसने सोमवार को आत्मसमर्पण कर दिया है।

आपके शरीर में ही विद्यमान है कोरोना की दवा — डॉ मनोज दुबे

मुंबई
कोरोना वायरस की कोई दवा अभी नहीं बनी है। जो भी करोना से स्वस्थ हुए हैं, वह सिर्फ अपनी इम्युनिटी शरीर की स्वयं रोगों से लड़ने की ताकत से ही ठीक हुए हैं । बहुत लोगों की ऐसी धारणा है कि यह बीमारी एक बार तो सबको ही होनी है। जिसकी इम्युनिटी अच्छी होगी वही इससे बचा रहेगा और जिसकी इम्युनिटीअच्छी नहीं होगी, वह जरूर प्रभावित होगा। मतलब यह हुआ कि हमारे शरीर की इम्युनिटी पावर ही कोरोना  की दवाई है। तो हमें सारा ध्यान अपनी यूनिटी बढ़ाने पर देना चाहिए यदि आप इस महामारी को मात देना चाहते हैं तो हमें यह सीखने की बहुत आवश्यकता है कि किन चीजों से इम्युनिटी बढ़ती है और किन चीजों से इम्युनिटी घटती है। पहले इम्युनिटी बढ़ाने वाली चीजों पर ध्यान देते हैं । योगा शारारिक व्यायाम, कम से कम 2 किलोमीटर पैदल चलना,गरम पानी पीना प्रधानमंत्री और आयुष मंत्रालय द्वारा बतायेगये आयुर्वेदिक काढ़े का नित्य सेवन करना,बुखार, खांसी-जुकाम न होने देना। अगर हो भी जाये तो चिकित्सक की सलाह लेना । घर का बना शुद्ध भोजन करना। प्रत्येक दिन एक आंवला जरूर खाएं या किसी प्रकार उसको खाने में इस्तेमाल करे । ताजे और सीजन वाले फल  जरूर खाएं। खासकर खट्टे फल क्योकि इसमें केल्सियम ज्यादा पाई जाती है आप रोज एक नींबू का उपयोग करें साथ ही ताजी सब्जियां खाएं । जितनी भी दालें हैं ,वह यूज़ करें शक्कर का और नमक का काम से कम उपयोग करें। इनकी जगह गुड़ और सेंधा नमक  का प्रयोग करें। शुद्ध तेल कोई भी उसका उपयोग करें । रिफाइंड तेल बिल्कुल न उपयोग करें। तुलसी व अन्य आयुर्वेदिक पेय पदार्थ प्रयोग में लाएं ।शरीर की इम्युनिटी घटाने वाली चीजें मैदा और नमक सबसे विनाशकारी पदार्थ है इसे परहेज करें तो ही अच्छा है  ब्रेड ,नान ,भटूरे ,बर्गर, पिज्जा ,जलेबी ,समोसा  ,कचोरी, बिस्किट ,कचोरी ,पाव ,पाव -भाजी  बिल्कुल भी ना खाए रिफाइंड तेल का बिल्कुल भी प्रयोग  ना करें चीनी यानी कि शक्कर इसका भी उपयोग ना के बराबर करें इसकी जगह गुड़ या खाड़, ब्रॉउन शुगर का उपयोग करें बाहर का कोई भी जंक फूड न खाएं  जो भी मैदे से चीजें बनती है उसका उपयोग ना करें ज्यादा से ज्यादा उसे दूर रहे साथ ही   एलुमिनियम के बर्तनों में खाना बनाना बंद करें कोल्ड ड्रिंक बिल्कुल नहीं पिए पैकिंग वाली चीजें ना खाएं या कम से कम खाएं इस तरह इन बातों को अपनाकर आप अपनी यूनिटी इतनी स्ट्रांग बना सकते हैं कि करोना को मात दे सकते हैं । ध्यान दें कि आपकी इम्युनिटी पॉवर  ही कोरोना की दवाई है। आप हाथ हमेशा साबुन से धोएं , सैनिटाइजर का उपयोग करें। डिस्टेंस बनाए रखें और बाहर जाते समय मास्क का हमेशा उपयोग करें ।

गैंगस्टर विकास दुबे की सारी संपत्ति कुर्क करे यूपी सरकार — डॉ द्रिगेश यादव

मुंबई
पूर्वांचल विकास परिवार ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे की सारी संपत्ति को कुर्क किया जाए तथा उससे प्राप्त धनराशि को शहीद पुलिस वालों के परिजनों को दी जाए। पूर्वांचल विकास परिवार के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ द्रिगेश यादव ने कहा कि गैंगस्टर विकास दुबे ने लोगों की हत्याएं और अपराध करके अकूत संपत्ति बनाई है। गिरफ्तारी के लिए गांव पहुंची पुलिस के साथ उसने जो शैतानियत का खेल खेला , उसे देखते हुए उसकी सारी संपत्ति को कुर्क कर देना चाहिए प्राप्त धनराशि को शहीद तथा घायल पुलिसकर्मियों के परिजनों में बांट देना चाहिए। डॉ द्रिगेश यादव ने कहा कि अपराधियों से निपटने के लिए योगी सरकार द्वारा की जा रही सख्ती सराहनीय है।

कोरोना पीडित व्यक्ति का हो मुफ्त इलाज-चंद्रवीर यादव

‌ मुंबई के शिक्षाविद् चंद्रवीर बंशीधर यादव ने केंद्र सरकार और देश‌ की सभी राज्य सरकारों से समाचार पत्रों‌ के माध्यम से निवेदन किया है कि सभी कोरोना पीड़ितों का इलाज़ मुफ्त हो।शिक्षाविद् यादव का कहना है कि इस समय देश की जनता आर्थिक रूप से कमजोर अवस्था में है। ऐसे में यदि किसी को कोरोना हो जाता है तो वह और उसका परिवार मानसिक रूप से परेशान हो जाता है इसीलिए सरकारी तथा प्राइवेट अस्पतालों में कोरोना मरीजों का इलाज नि:शुल्क रूप से करने की व्यवस्था सरकार करे।यह समय ऐसा है जिसमें हमें सभी का मनोबल बढ़ाना है।

पुलिस अधीक्षक को अंगवस्त्रम प्रदान कर कोरोना वैरीयस के रूप में वि0हि0र0 संगठन ने किया सम्मानित

भदोही।जिले के विश्व हिंदू रक्षा संगठन की ओर से सोमवार को कोरोना वारियर्स के रूप में काम कर रहे भदोही के पुलिस अधीक्षक राम बदन सिंह को सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया ।
सोमवार को विश्व हिंदू रक्षा संगठन के जिलाध्यक्ष मोहित मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक सभागार में पहुंचकर कोरोना वारियर्स पुलिस अधीक्षक को धन्यवाद पत्र और अंगवस्त्रम प्रदान कर सम्मानित करते हुए उनका अभिनंदन व जोरदार स्वागत किया गया। इस मौके पर जिला संगठन मंत्री अजय ओझा , जिला उपाध्यक्ष कुंवर साहब सिंह , गणेश तिवारी संगठन के सभी पदाधिकारि मौजूद रहे।