भगवान श्रीकृष्ण के बाल लीला की कथा से मुग्ध हुए श्रोता।

भदोही। जंगीगंज के चौरा देवी मंदिर प्रांगण में आयोजित आध्यात्मिक प्रवचन में पंडित अनिल महराज ने कथा के सातवें दिन भगवान श्री कृष्ण की बाल लीला का बडा ही मनमोहक चित्रण किया।
पंडित अनिल जी महाराज ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण की लीला सुनने मात्र से संकटों से मुक्ति मिलती है। कहा कि सभी लीला में बाल लीला का अपने आप में विशेष महत्व है। बताया कि मनुष्य को भगवान की बाल लीला से समानता, न्याय और प्रेम की सीख लेनी चाहिए। क्योंकि भगवान श्री कृष्ण का जन्म एक सम्पन्न परिवार में हुआ था लेकिन समाज को समानता और एकता का संदेश देने के लिए श्रीकृष्ण ग्वाल बालों के साथ मिल जुलकर रहते और मिल बांटकर खाते थे। जो समाज के लिए ऊंच नीच के भेदभाव को भुलाने का परम संदेश है। कहा कि भगवान अपने बाल लीला के दौरान कई राक्षसों का संहार भी किया। जो यह संदेश देता है कि हम किसी भी अवस्था में रहे लेकिन अन्याय करने वाले का यथाशक्ति विरोध करना चाहिए। पंडित जी कहा कि भगवान श्री कृष्ण की लीला सुनने से तीनों तरह के पापों का नाश होता है। कथा में भगवान के जन्म, पूतना वध, गोवर्धन पूजा का बडा ही मार्मिक वर्णन रहा। कथा के दौरान उपस्थित लोग भक्ति रस में गोता लगाते रहे। यह आध्यात्मिक कार्यक्रम बुधवार को समाप्त होगा। कथा में मानिकचंद्र जायसवाल, पवन जायसवाल
विनोद कुमार सेठ, रतनलाल सेठ
शिव प्रकाश जायसवाल, डॉ श्यामसुंदर पाण्डेय, पप्पू यादव,कल्लू मिश्रा, ओम बाबा के अलावा काफी संख्या में श्रोता मौजूद रहे।

पति समेत तीन के खिलाफ दहेज उत्पीड़न समेत कई धाराओं में मामला दर्ज।

भदोही। सात जन्मों का साथ निभाने की रस्म पूरी करने के बाद पति-पत्नी साथ होते है। लेकिन मनुष्य की लालच सात जन्म क्या सात साल भी अपने पर काबू नही रख पाती और पत्नी पर जुल्म चालू हो जाता है। इस जुल्म की वजह तो केवल लालच रहती है लेकिन दिखावा में कुछ और ही। और कई लड़कियां इस तरह की जुल्म सहती रहती है और कुछ है कि समाज में और लडकियों के साथ ऐसा न हो। इसके लिए अपने पति और ससुराल वालों के जुल्म के खिलाफ आवाज उठाती है। और समाज के लिए मिशाल साबित होती है।
एक ऐसा ही मामला ज्ञानपुर क्षेत्र के एक गांव में देखने को मिला जहां एक युवती ने साहस का परिचय देते हुए औराई के अदनपुर तिऊरी निवासी पति राजेन्द्र मिश्र और सास ससुर के खिलाफ महिला थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
रत्ना का आरोप है कि शादी लगभग डेढ वर्ष पहले हुई थी। और ससुराल वाले दहेज के लिए अक्सर प्रताड़ित करते थे और पैसे की मांग करते थे। ऐसा न कर पाने पर झूठा आरोप लगाकर मारपीट करते। और हद तो तब हो गई जब बीते 6 सितम्बर को रात में रत्ना को मारते पीटते घर से बाहर निकाल दिये। रत्ना ने अपने ससुर के पडोसियों से भी गुहार लगाई लेकिन कोई भी रत्ना की मदद में नही आया और पति फिर मारते पीटते घर ले गया। और भाई को फोन करके बताया कि रत्ना भाग गई। अगले दिन रत्ना के मायके से एक चचेरा भाई जाकर ले गया और महिला थाना में शिकायत हुई। नौ दिन बाद महिला थाना में महिला की शिकायत पर पति समेत तीन लोगो पर दहेज उत्पीड़न समेत चार और धाराओं में एफआईआर दर्ज किया गया। रत्ना ने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाई है।

ससुरालियों के कहर से त्रस्त विवाहिता।

भदोही। सरकार जहां महिला सशक्तिकरण की बात करती है वही आज भी ऐसे मामले देखने को मिलते है जहां लोग इस कानून की धज्जियां उडाते है। और स्थानीय प्रशासन के लोग भी है कि इस तरह के मामले को जैसे जानने के बाद भी मौन साधे रहते है।
भदोही जिले में एक ऐसा ही मामला चर्चा में है जहां एक विवाहिता अपने ससुरालियों के कहर से त्रस्त से परेशान होकर दर दर की ठोकर खाने पर विवश है। मामला ज्ञानपुर कोतवाली के बलभद्रपुर गांव का है। जहां के निवासी सतीश तिवारी की बहन रत्ना की शादी डेढ वर्ष पहले औराई थाना के अदनपुर (तिउरी)गांव के रमेश मिश्रा के पुत्र राजेन्द्र मिश्र के साथ हुई थी। विवाहिता रत्ना मिश्रा को ससुराल के लोग दहेज के लिए परेशान करते थे और मारते पीटते थे। और दहेज की और रकम लाने के लिए दबाव बनाते थे तथा चरित्र पर भी शक करते थे। और अनायास ही विभिन्न बातों पर लेकर प्रताडित करते थे।
विवाहिता ने 7 सितम्बर को महिला थाना में दिये शिकायत में आरोप लगाया है कि भाई का फोन आने पर बात कर रही थी और इसी को लेकर पति और ससुराल के लोग मारपीट किये और घर से मार कर निकाल दिये। विवाहिता ने बताया कि सास गायत्री देवी और जेठानी सरिता देवी के सह पर लोग मारपीट किये लेकिन वे लोग नही बोली। मारपीट के बाद विवाहिता भाग कर आसपास के लोग के यहां सहयोग मांगने गई लेकिन किसी ने दया न दिखाई। और ससुराल के लोग पकड कर फिर घर ले आये और मारे पीटे। और भाई से फोन पर कह दिये कि तेरी बहन भाग गई। अगले दिन सुबह मेरे मायके से चचेरा भाई आया और ले गया। फिर ज्ञानपुर में स्थित महिला थाना में शिकायत दर्ज कराई। लेकिन अभी तक ससुराल वालों के ऊपर कोई कार्यवाही न हुई।

बाबा पांडवा नाथ मंदिर पर 18 सितम्बर से 1 माह तक होगा भव्य कथा का आयोजन

भदोही।गोपीगंज क्षेत्र के कौलापुर में स्थित बाबा पांडवा नाथ मंदिर अति प्राचीन है।लोगो का मानना यह है कि यह मंदिर पांडव द्वारा स्थापित किया गया है।मंदिर के बारे में लोगो का मानना है जो भी भक्त बाबा पांडवा नाथ के दरबार मे पहुँच कर अपनी व्यथा,दुख को व्यक्त करते है भगवान भोले शंकर उनकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते है।कार्तिक पूर्णिमा के दिन मंदिर पर निशुल्क सास,दमा जैसे रोगों की दवा पिलाई जाती है।और लोगो का मानना है लोग ठीक भी हो जाते है।पुरषोत्तम मास के पावन मौके पर कथा वाचक पंडित शिवप्रकाश चतुर्वेदी(शिवलल्लन) जी द्वारा 18 सितम्बर से 1 माह तक जनकल्याण के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए आयोजन किया जायेगा।जिसकी जानकारी बाबा पांडवा नाथ मंदिर परिवार ने दी।

श्रीमद्भागवत कथा वाचक रत्नेश जी महराज की कोविड-19 की रिपोर्ट आई निगेटिव

श्रीमद् भागवत कथा वाचक श्री रत्नेश जी महाराज की कोरोना रिपोर्ट आई निगेटिव। बता दें कि बीते 10 अगस्त को श्रीमद् भागवत कथा वाचक श्री रत्नेश जी महाराज का कोरोना का जाँच किया गया था। जिसमें व और उनकी बहन नीतू मिश्रा का रिपोर्ट पॉजिटिव आ गया था। जिस पर उन्होंने घर पर अलग रहकर आज पुनः जांच कराया तो रिपोर्ट निगेटिव आई ।जिससे लोगों ने राहत की सांस ली।

बिजली विभाग की लापरवाही से रमेश की हुई मौत कुँवर प्रमोद चंद मौर्य

परिजनों को प्रदेश सरकार
पच्चीस लाख रूपया दे मुआवजा

ज्ञानपुर भदोही कोईरौना थाना क्षेत्र के महमदपुर सेमराध निवासी मुन्ना यादव के बिजली विभाग कि लापरवाही से मौत पर समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव एवं पूर्व सदस्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने आक्रोश व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन से बिजली के करेंट से मरनेवाले रमेश यादव उर्फ मुन्ना के परिजनों पच्चीस लाख रुपया मुआवजा देने कि मांग कि कहा की पुलिस द्वारा बिजली के करेंट से मरने वालों के परिजनों के ही उपर फर्जी ढंग से मुकदमा दर्ज करना निंदनीय है इसकी जितनी निंदा की जाए कम है उन्होंने फर्जी ढंग से किये गये मुकदमों को तत्काल प्रभाव से छानबीन कर वापस लेने की भी मांग की है तथा संबंधित बिजली विभाग अधिकारियों के खिलाफ विधिक कार्यवाही करने की मांग की है उक्त बातें श्री मौर्य ने बिजली करेंट से मरने वाले के परिजनों से शोक संवेदना प्रकट करने पहुंच कर परिजनों को ढाढस बधाते हुए कहा की जिला प्रशासन जल्द से जल्द रमेश यादव मुन्ना के परिजन को पच्चीस लाख रुपया मुवावजा दे नही तो समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता मुआवजे की मांग के लिए आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे शोक संवेदना एवं मुआवजे की मांग करने वालो मे कुँवर प्रमोद चंद मौर्य, आरवी यादव,लालू यादव ,मानिक चंद प्रजापति,आरपी यादव,प्रदीप मौर्य,संतलाल यादव,गंगा सागर गुप्ता,मेवा यादव, रमाशंकर यादव,राजबली यादव आदि प्रमुख रहे

सवर्ण आयोग का गठन करे सरकार- सत्य नारायण पाण्डेय।

औराई(भदोही) सवर्ण महासंघ के तत्वावधान में शनिवार को औराई तहसील मुख्यालय पर बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पंडित सत्यनारायण पांडेय ने किया। अध्यक्ष ने कहा कि आप सभी कोरोना महामारी का पालन करें और सवर्ण महासंघ इकाई को मजबूत करें। तथा समाज की नशा व सामाजिक बुराइयों को दूर करने। तथा सवर्ण समाज की एकता बनाये रहे। शिक्षा पर बल दिया जाए, सवर्ण आयोग का गठन हो और आरक्षण आर्थिक आधार पर हो तथा एससी एसटी एक्ट समाप्त किया जाए। सरकारी संस्थाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार को समाप्त कर पारदर्शिता लाई जाए। सवर्ण बच्चों के मध्य जाकर मीटिंग किया जाए और उनमें जोश भरते हुए उनको उठाने का प्रयास किया जाए। सवर्ण संगठन द्वारा किए जा रहे प्रयासों का प्रचार प्रसार किया जाए व सवर्ण युवाओं को शिक्षा व रोजगार दिलाये जाने का प्रयास सवर्ण समाज संगठन द्वारा किया जा रहा है। जिसको जरूरत है वे संगठन के लोगों से संपर्क कर सकते हैं। बैठक में राजमणि शुक्ला,पवन कुमार, प्रदीप कुमार, सदर बहादुर सिंह, शिवमंगल सिंह, अवकाश शुक्ला, अमित पांडे, बिनय तिवारी, मनोज कुमार पांडे, आदि तमाम गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

एडवोकेट पर लगाये गये फर्जी मुकदमें को निरस्त करने की मांग।

भदोही(औराई) अधिवक्ता रत्नेश तिवारी के ऊपर लगे एससी एसटी मुकदमें को फर्जी बताते हुए बार एसोसिएशन औराई में अधिवक्ताओं की बैठक हुई जिसमें अधिवक्ताओं ने इस मुकदमे को निरस्त करने की मांग की। बैठक में रत्नेश तिवारी ने बताया कि उस दिन विपक्षी के बच्चे अमरूद तोड रहे थे घर के बच्चों ने रोका तब विपक्षी लोग गाली देने लगे और उस समय घर पर बडे लोग नही थे। फिर भी विपक्षी ने फर्जी ढंग से एससी एसटी का मुकदमा दर्ज करा दिया। बैठक में अधिवक्ताओं ने कहा कि रत्नेश तिवारी सिविल कोर्ट में अधिवक्ता है और इनके खिलाफ फर्जी ढंग से एससी एसटी का मुकदमा लगाया गया है। जिसे निरस्त करने की मांग की गई। और आगे की रणनीति पर चर्चा हुई।

उपरौठ में ग्राम प्रधान के कार्यो की शिकायत करना पडा भारी।

भदोही। सरकार भले ही सुशासन की बात करती है लेकिन जिले में कुछ जगह जिम्मेदारों के तरफ से सुशासन का खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही है। जिसमें प्रशासन के जिम्मेदार लोगो और विभागीय लापरवाही से बीते एक वर्ष से केवल हीलाहवाली का खेल हो रहा है। और इसी को लेकर मारपीट और खून खराबा का तक मामला पहुंच गया। लेकिन जिम्मेदार पता नही क्यों मौन साधे हुए है।
मामला औराई थाना के उपरौठ गांव का है। जहां पर शिकायत के एक वर्ष बाद भी अधिकारियों की लापरवाही से ग्राम प्रधान जानबूझकर मनमानी करते हुए इंटर लाकिंग का कार्य नही कर रहा है। और शिकायत करने पर शिकायत करने वाले को परिवार सहित मारने की धमकी भी देता है। और बीते 10 अगस्त को शिकायत कर्ता के परिजनों के साथ मारपीट भी हो गई। उपरौठ गांव के उस मार्ग सही न कराने से रास्ते में पानी और कीचड जमा है। और आने जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड रहा है। और इस बारिश और कोरोना महामारी के समय में रास्ते में जमा कीचड और पानी संक्रमण को फैलाने में सहायक हो सकता है। मालूम हो कि उपरौठ निवासी शिवनाथ यादव पिछले एक वर्ष से इस मार्ग को लेकर अधिकारियों को कई प्रार्थना पत्र दिये लेकिन आज तक इस मार्ग का बाकी बचा इंटरलाकिंग न हो सका। जबकि क्षेत्रीय लेखपाल और स्थानीय पुलिस ने स्थलीय निरीक्षण करने के बाद यह बात मानी कि उस जगह पर इंटरलाकिंग जरूरी है। और इस मार्ग से आने जाने वालों को समस्या हो रही है तथा जलजमाव से संक्रमण फैलने का खतरा बना है। इसके बावजूद भी ग्राम प्रधान पता नही किस वजह से इंटरलाकिंग का कार्य नही करा रहा है तथा विभागीय अधिकारी भी विवश नजर आ रहे है जो एक वर्ष से लंबित मार्ग पर इंटरलाकिंग न करा सके। जबकि पूर्व में इस मार्ग पर कई वर्षो से खडंजा बिछाया गया था और लोग इस रास्ते से आराम से आ जा रहे थे लेकिन ग्राम प्रधान ने अधूरी इंटरलाकिंग कराकर इस मार्ग पर जल जमाव और संक्रमण की स्थिति बना दी। ग्रामीण शिवनाथ यादव का आरोप है कि ग्राम प्रधान के पति राजनीतिक द्वेष वश इसका निर्माण नही करा रहे है और शिकायत करने पर परिवार सहित जान से मारने की धमकी भी देते है। शिवनाथ ने बताया कि जिले के सभी अधिकारियों को इस मार्ग के निर्माण के लिए प्रार्थना पत्र दे दिया लेकिन पता नही किस वजह से इस मार्ग को सही नही कराया जा रहा है। शिवनाथ ने मांग की है कि इस मार्ग का निर्माण हो जिससे आवागमन सही हो सके और लोगो को जल जमाव और संक्रमण की संभावना से निजात मिल सके।जबकि बीडीओ ने खुद आकर स्थलीय निरीक्षण किया और इस मार्ग को बनवाने के लिए लेखपाल और स्थानीय पुलिस ने जरूरी भी बताया तथा इस मार्ग पर पहले से ही खडंजा बिछाया गया था। फिर बीडीओ पता नही क्यों इस मामले से बचते नजर आ रहे है। अब यहां सवाल उठता है कि यदि जिले के जिम्मेदार यूं ही मामलों से बचते रहेंगे तो कैसे हो पायेगा समुचित विकास? हालांकि शिवनाथ यादव ने प्रशासन से इस मार्ग को सही कराने की मांग की है जिससे यहां जलजमाव व संक्रमण से निजात मिल सके। लेकिन इसी बीच द्वेष वश ग्राम प्रधान के तरफ से बीते 10 अगस्त को शिकायत कर्ता सहित परिवार के सदस्यों को मारपीट कर घायल कर दिया। और शिकायत कर्ता दर दर की ठोकर खा रहा है। शिवनाथ ने बताया कि अब वह परिवार सहित मुख्यमंत्री के दरबार में शिकायत करेगा। और न्याय की गुहार लगायेगा।

कौलापुर में दो सगे भाइयो की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव, राहत।

भदोही। गोपीगंज थाना क्षेत्र के कौलापुर में दो सगे भाइयों का कोरोना की जांच रिपोर्ट नेगेटिव आई। रिपोर्ट निगेटिव आने से लोगों ने राहत की सांस ली। मालूम हो बीते 12 अगस्त को कौलापुर निवासी पत्रकार अंकित पांडेय के निवास स्थान पर कोविड-19 का जांच परीक्षण हुआ था जिसमें ग्राम सभा कौलापुर के चार लोग पाजिटिव पाये गये थे लेकिन दो दिन पहले ही कुछ लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आ गई थी। शनिवार की सुबह चिकित्सा प्रभारी डीघ डॉक्टर गुलाब यादव की टीम ने दो सगे भाइयों का जांच की। और जांच के बाद दोनों भाइयों विनोद पाण्डेय और प्रदीप पाण्डेय की रिपोर्ट नेगेटिव आई। अब कौलापुर में कोई भी कोरोना पाजिटिव नही है।