दीपों से जगमगाया बाबा पांडवा नाथ मंदिर

देव दीपावली पर्व की शाम गांव कौलापुर में स्थित बाबा पांडवा नाथ मंदिर की अलौकिक छटा को देखकर ऐसा लग रहा था मानो आसमान धरती पर उतर गया हो। एक साथ जले असंख्य दीपों से मंदिर के चारों तरफ से जगमगा उठा इस अलौकिक नजारे को नजरों में कैद करने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। दीपों की अविस्मरणीय छटा देख लोग इसके अपलक निहारते रहे। मंदिर को दोपहर बाद से ही साफ-सफाई के बाद सीढियो को दीपों से सजाने का काम शुरू कर दिया गया था। शाम होते ही दीपों की अविस्मरणीय दृश्य को देखने के लिए स्थानीय लोगों के अलावा आसपास के गांव के भी लोग बड़ी संख्या में पहुंचे थे ।झिलमिल जल रहे दीपों को निहारते हुए बड़ी संख्या में लोग इस नजारे को अपने मोबाइल में कैद कर रहे थे।
बाबा पांडवा नाथ मंदिर परिसर में देव दीपावली का आयोजन करणी सेना के जिला अध्यक्ष विनोद मिश्र दादा के नेतृत्व में व मंदिर के कार्यकर्ता के सहयोग से संपन्न हुआ।
इसी तरह राधास्वामी धाम स्थित महावीर मंदिर पर इक्कीस सौ दीपो को जलाकर आरती की गई इस दौरान भजन संध्या का भी आयोजन किया गया था।

कार्तिक पूर्णिमा पर हजारों लोगो को दमा व सांस की नि:शुल्क दवा पिलाई गई।

भदोही। गोपीगंज क्षेत्र के कौलापुर गांव में स्थित बाबा पांडवानाथ मंदिर परिसर में कार्तिक पूर्णिमा के दिन में भारी संख्या में दमा व सांस के रोगियो को निःशुल्क दवा पिलाई गई।
मालूम हो कि इस मंदिर में बीते सैकड़ो वर्ष से हर वर्ष कार्तिक पूर्णिमा के दिन सांस व दमा की दवा पिलाई जाती है। और मान्यता है कि यहां दवा लगातार पांच वर्ष पी लेने से रोग जड़ से खत्म हो जाता है। और इसी की वजह से यहां पर देश अन्य राज्य से भी कई रोगी देखने को मिले। मालूम हो कि इस बार दवा पिलाने के लिए स्थानीय लोगो के तरफ से कोरोना काल की वजह से विशेष सावधानी बरती गई थी।और इस बार इस मंदिर परिसर में दवा पिलाने के जिम्मेदारी करणी सेना के जिलाध्यक्ष विनोद मिश्रा (दादा)ने ली और उनके सभी कार्यकर्ताओ ने अपना काफी सहयोग दिया। और दूर दूर तक बैरिकेडिंग कर के दवा पीने वालों को कम कम संख्या में बुलाया जाता था। और इसमें गांव के अलावा क्षेत्रीय लोगो का भी काफी सहयोग रहा। दवा पीने के लिए कुछ लोग शनिवार की रात से ही मंदिर परिसर के आसपास रहे। और पूर्णिमा के दिन में काफी देर तक लोग दवा पीने के लिए आते रहे। प्रयागराज से आई रेशमा बानो ने बताया कि दवा लेते हुए दो वर्ष हो गये और सच में इससे राहत है। वही झारखंड से आये दीनानाथ ने बताया कि दवा सच में रामबाण है। बताया कि यहां दवा लेने के पहले मैने बहुत जगह दवा ली लेकिन इतनी राहत न मिली जबकि यहां पिछले वर्ष दवा पी थी और इस वर्ष भी ली है। काफी राहत है। उगापुर से धीरेन्द्र कुमार ने इस जगह की दवा को भगवान शंकर का आशीर्वाद बताते हुए कहा कि मैने भी लोगो द्वारा सुना था और दवा पी काफी राहत है। इसी तरह कई लोगो ने दवा को कारगर होने की बात बताई। और सच में हर वर्ष कार्तिक पूर्णिमा को दमा और सांस रोगियों की काफी भीड़ रहती है। इस मौके पर अश्वनी चतुर्वेदी, बबलू मिश्रा, रमेश यादव, अंकित पांडेय, आनंद पांडेय, राकेश चतुर्वेदी, रत्नेश चतुर्वेदी, कन्हैया तिवारी, दीपक तिवारी व प्रिंस चौबे समेत काफी लोग मौजूद रहे।

आज का राशिफल22.11.2020

मेष
आज आप कार्यक्षेत्र में उन्नति करेंगे और इससे आपको तरक्की भी मिल सकती है। ट्रांसफर या नौकरी बदलने की चाह रखने वाले जातकों को इस समय अपनी इच्छा अनुसार पसंदीदा जगह पर ट्रांसफर मिल सकता है ।

वृषभ
आज के दिन आप किसी विदेशी स्रोतों से लाभ अर्जित कर पाने में सफल रहेंगे, लेकिन इसके लिए आपको इस दौरान स्वयं के बारे में सोचने की ज़रूरत होगी। जिससे आपको अपनी कमियों के बारे में पता चलेगा। मन में प्रसन्नता और शांति रहेगी और आप मानसिक चिंताओं से भी मुक्ति दिखाई देंगे ।

मिथुन
आज घर-परिवार में यदि किसी सदस्य की तबियत खराब चल रही थी तो उसमे सुधार आएगा जिससे घर का वातावरण भी सुखद रहेगा! पारिवारिक जीवन में कुछ उलझनें आ सकती हैं, जिससे परिवार का वातावरण बिगड़ सकता है।

कर्क
आज आप परिवार के लोगों बीच प्रेम और भाईचारा बढ़ेगा। इस समय माता जी की की खराब सेहत में भी सुधार आएगा जिससे घर में खुशहाली का वातावरण देखने को मिलेगा। आर्थिक पक्ष भी मजबूत होने से लाभ के योग बनेंगे।

सिंह
आज आपके साहस और पराक्रम में भी अचानक से वृद्धि होगी, जिससे आप अपने लक्ष्य को पाने के लिए अपने प्रयासों में भी तेजी लाएंगे और उसमें सफल भी होंगे। मानसिक तनाव से भी मुक्ति मिलेगी।

कन्या
आज आप दूसरों को अपनी वाणी के दम पर अपनी बात मनवाने में सफल रहेंगे। इस समय आपको केवल सात्विक भोजन ही अच्छा लगेगा। कार्य क्षेत्र में भी सफलता मिलेगी और आर्थिक जीवन में आप धन अर्जित करने में सफल रहेंगे ।

तुला

आज दांपत्य जीवन में तनाव देखने को मिलेगा क्योंकि संभव है कि संतान पक्ष को समस्या हो सकती है । छात्रों के लिए भी समय अच्छा नहीं है, क्योंकि संभावना है कि किसी कारणवश उनका मन अपनी पढ़ाई में नहीं लगेगा जिससे उन्हें कई बाधा का सामना करना पड़ सकता है ।

वृश्चिक
आज ख़र्चों में अचानक से वृद्धि होगी, जिसपर समय से पहले नियंत्रण न रखने से आपको आर्थिक तंगी का सामना भी करना पड़ सकता है। किसी लंबी दूरी की यात्रा पर जाने के योग बन सकते हैं। कार्य स्थल पर आपको अपने वरिष्ठ अधिकारियों का पूरा सहयोग मिलता रहेगा।

धनु
आज आपको भाग्य का पूरा साथ मिलेगा जिसके चलते ये समय आपके लिए शुभ फलदायी रहेगा। आप इस समय अपनी महत्वाकांक्षाएं और अभिलाषाओं की पूर्ति के लिए प्रयास करेंगे जिसमें आपको सफलता भी मिलेगी।

मकर

आज आपको भाग्य से हर संभव सहायता मिलेगी आपका दूसरों पर पड़ने वाले प्रभाव मे बृद्धि होगी अचानक से पैसे फँसने की संभावना है इसलिए किसी को उधार न दे! पार्टनरशिप के बिज़नेस से जुड़े लोगों को इस समय साझेदार के जरिये अधिक मुनाफ़ा होगा।

कुंभ
आज आपको संघर्ष करना पड़ सकता है, जिसके चलते आपके अचानक से बनते काम भी बिगड़ने लगेंगे। हालांकि यदि आप इस स्थिति में भी प्रयास करते रहेंगे तो ज़रूरी ही आप कोई अच्छा काम कर उससे धन लाभ भी प्राप्त कर पाने में सफल रहेंगे ।

मीन
आज के दिन सावधान रहे इस समय अपने आर्थिक मामलों में किसी तरह की लापरवाही न बरतें। मानसिक चिंताओं के चलते आपकी सेहत पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। जिस दौरान आपको ख़ुद को तनाव मुक्त रखने के लिए योग करने की ज़रूरत होगी ।

ज्योतिष सेवा केन्द्र
संस्थापक
पंडित अतुल शास्त्री
09594318403/9820819501

श्रीमद् भागवत कथा मानव जीवन में हृदय के संशयों को करती है दूर : आचार्य कौशलेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज

बस्ती. कप्तानगंज, टिनिच रोड, नकटी देई बुजुर्ग में श्री मद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ के पहले दिवस की बैठक का शुभारंभ आज दिनांक 22 नवंबर को हुआ। कथा में मुख्य यजमान करिया बाबा ने श्री मद्भागवत जी का पूजन करवा कर ठाकुर जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। श्री मद्भागवत कथावाचक कौशलेंद्र कृष्ण शास्त्री जी ने अमृतमयी वाणी से श्री मद्भागवत कथा प्रेमियों को प्रथम दिवस की कथा में प्रवेश कराते हुए प्रथम स्कंध के प्रथम श्लोक सच्चिदानंद रूपाय विश्वोत्पयादि हेतवे, तापत्रय विनाशाय श्री कृष्ण वयं नम: ।”की व्याख्या करते हुए भक्तों को सुखदेव जी के जन्म की कथा का वृतांत सुनाया। देवी जी ने कहा कि सुखदेव जी माता के गर्भ से जन्म लेते ही वन में चले गए। ऐसे सर्वभूत श्री सुखदेव जी जिन्हें ये भी नहीं पता कि स्त्री और पुरुष में क्या भेद है। जिनके पिता श्री वेद व्यास जी उन्हें मिलने के लिए जंगल गए और पुत्र-पुत्र कहते हुए थक गए। तब तरु यानि वृक्षों ने कहा कि कौन किसका पुत्र और कौन किसका पिता? वेद व्यास जी आप जिनको अपना पुत्र कह रहे हैं, वो तो कभी आपका पिता था। ऐसे शब्दों को श्रवण करने से वेद व्यास जी को सत्य का ज्ञान हो गया और वो सुखदेव जी को बिना साथ लिए ही वापस चले आए। अचार्य कौशलेंद्र महाराज जी ने संगीतमय कथा में अपने मधुर स्वर से आगे के प्रसंगों के माध्यम से भावविभोर श्रोताओं को बताया कि परीक्षित जी के जन्म प्रसंग, कुंती स्तुति, भीष्म स्तुति, राजा परीक्षित जी का सुखदेव जी की सभा में आगमन, सधोमुक्ति का वर्णन के बारे में बताया। महराज ने श्री मद्भागवत कथा का परिचय देते हुए कहा कि श्री मद्भागवत कथा मानव जीवन का आधार है। श्री मद्भागवत ह्रदय के संशयों को दूर करती है। इस दौरान हरिनाम संकीर्तन कर ठाकुर जी का गुणगान किया। ठाकुर जी की आरती के साथ प्रथम दिवस की कथा को विश्राम दिया गया
कार्यक्रम की रूपरेखा करिया बाबा बताते हुए कहा कि 28 नवम्बर तक चलने वाली अमृतमयी कथा में 25/26 नवम्बर को बादल सावंरिया की दिव्य विशेष झांकी का आयोजन किया जायेगा । साथ ही भजन कीर्तन के लिए अवध लोक गायक जिला जिला द्विवेदी जी द्वारा किया गया। सभी भक्तों ने आनंद लिया। लोकप्रिय गायक जिला द्विवेदी के भावविभोर कर देने वाले भजन ने कथा में आये भक्तों को भक्ति के सागर में गोता लगवाया।

भय को मुक्त करती है भागवत .. कौशलेंद्र शास्त्री जी महाराज


बस्ती। कप्तानगंज टिनिच रोड स्थिति नकटी देई बुजुर्ग ग्राम में करिया बाबा के द्वारा यज्ञाचार्य अतुल शास्त्री जी के सानिध्य में संगीतमय भागवत कथा का आयोजन किया गया है। भागवत कथा वाचक महाराज कौशलेंद्र कृष्ण शास्त्री जी ने कथा के दूसरे दिन परीक्षित का जन्म,कलियुग का प्रवेश, कर्दम ऋषि व देवाहुति के विवाह के बाद जन्मे कपिल भगवान की कथा का सारगर्भित वृतांत सुनाया। उन्होंने बताया कि कर्म के अनुसार मनुष्य जन्म मिलता है, तब जन्म से मृत्यु तक जीव सुख की तलाश में रहता है। उसे वह सुख केवल भगवत प्रेम से ही प्राप्त होता है.
कथा के प्रारम्भ में महाराज कौशलेंद्र कृष्ण शास्त्री जी महाराज ने प्रेमाभाव का विस्तार से वर्णन कर समझाया | कलयुग में भगवान का केवल मात्र सुमिरन करने से ही भवसागर को पार किया जा सकता है। कथा में परीक्षित जन्म का सविस्तार से वर्णिन किया। कथा के अंत में कपिल चरित्र का भी वर्णन किया गया | कपिल भगवान ने माता देवहूति से कहा कि ये आसक्ति ही सुख दुख का कारण है। यदि संसार में ये आसक्ति है, तो दु:ख का कारण बन जाती है। यही आसक्ति भगवान और उनमें भक्ति में हो जाए तो मोक्ष का द्वार खुल जाता है।ऋषभ देव के चरित्र वर्णन करते हुए कहा कि मनुष्य को ऋषभ देव जी जैसा आदर्श पिता होना चाहिए। जिन्होंने अपने पुत्रों को समझाया कि इस मानव शरीर को पाकर दिव्य तप करना चाहिए, जिससे अंत:करण की शुद्धि हो तभी उसे अनंत सुख की प्राप्ति हो सकती है। भगवान को अर्पित भाव से किया गया कर्म ही दिव्य तप है। कथा में अवध लोक गायक जिला द्विवेदी ने अपने मधुर स्वर से कई भजनों की प्रस्तुतियां दी, जिससे पंडाल में बैठे सभी श्रोतागण भक्ति सागर में डूब गए। आयोजक करिया बाबा ने बताया कि 25/26 नवंबर को बादल सांवरिया द्वारा दिब्य झांकी का भी आयोजन किया गया है।

संसार में सबसे बडे भगवान हमारे मां बाप ही है।- निर्मल शरण जी महराज।

हे बुद्धि के दाता, सब वेदों के ज्ञाता।
तुम्हें वंदना है… तुम्हें वदंना….

चार दिनों की प्रीति जगत में, चार दिनों के नाते है…..

भदोही। जंगीगंज क्षेत्र के सोनैचा गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के संगीतमय प्रवचन में अयोध्या से पधारे कथावाचक निर्मल शरण महराज ने बडे ही मार्मिक ढंग से उपस्थित लोगों को भक्ति रस का पान कराया।
प्रवचन में महराज ने बताया कि जब तक किसी कार्य को लेकर संतुष्टि न हो तो वह कार्य बेकार होता है। कहा कि दुख सुख के चक्कर न पडने वाला ही सच्चा संत है। और यह सब तभी संभव है जब भगवतकृपा होती है। महराज ने बताया कि अन्तर्मुखी साधना को ही उलटा नाम जपना बताया। कहा कि जब लोग अन्तर्मुखी साधना करते है तो बाह्यमुखी साधना श्रेष्ठ है। कहा कि परमहंसो की संहिता है श्रीमद्भागवत कथा। जो मित्र के दुख में दुखी नही होते वह मित्र महान पातकी होता है। इसी के बारे में कहा कि दुर्योधन और अस्वस्थामा की गहरी मित्रता थी और इसी के वजह से अस्वस्थामा पांडवों को मारने के चक्कर में पांडव पुत्रों को मार दिया। पांडव पुत्रों की अश्वत्थामा द्वारा हत्या करने के बाद दुर्योधन का प्राणांत हो गया। क्योंकि दुर्योधन इस लिए दुखी था क्योकि उसके वंश में कोई पूर्वजों को पानी देने वाला नही बचा। महराज ने बताया कि माता के ऋण से कोई उऋण नही हो सकता है। क्योकि बच्चे के जन्म के समय ही ‘मां’ का जन्म होता है। क्योकि मां सोचती है कि हमारा बच्चा सहारा बनता है। लेकिन जब मां बाप को सहारे की आवश्यकता होती है तो अभागा पुत्र मां बाप से अलग हो जाता है। कहा कि कथा सुनने और धार्मिक कार्य करने से कल्याण की इच्छा तो है। कहा कि मां बाप ही संसार के सबसे बडे भगवान है। इनका अनादर करने वाला पापी होता है और इनका अनादर करने वाले का कोई भी पुण्यकर्म फलित नही होता है।

दबंगों से पीड़ित ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार।

भदोही। गोपीगंज थाना क्षेत्र के बिरनई भगतपट्टी निवासी इंद्रजीत बिन्द ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।
इन्द्रजीत का आरोप है कि विपक्षी गण आये दिन मारपीट और गाली गलौज करते हैं। इसकी शिकायत थाने में भी दी गई है। पुलिस के चले जाने के बाद फिर धमकी देते हैं। आरोपी गण बीते जुलाई और अगस्त माह में कई बार मारपीट कर चुके हैं और घर को भी छतिग्रस्त किये जब महिलाएं रोकने लगी तो मारपीट कर घायल कर दिये। जिसके संबंध में प्रार्थी पुलिस थाना गोपीगंज में प्रथम सूचना रिपोर्ट एनसीआर नंबर 284 दर्ज कराई गई और चोटिल लोग का डॉक्टरी मुआयना सरकारी अस्पताल गोपीगंज में कराया गया। जिसकी सूचना प्रशासनिक अधिकारियों को पंजीकृत है डाक के जरिए प्रार्थना पत्र प्रेषित किया है लेकिन उनके विपक्षियों के विरुद्ध अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। जिसकी वजह से सबका मनोबल काफी बढ़ा हुआ है। उनके विपक्षी बीते 12 नवंबर 2020 को प्रार्थी के छोटे दादा धनुष लाल व उनके परिवार के लोगों को लाठी डंडा गाड़ी से वार कर गंभीर चोट पहुंचाए हैं और फिर 16 नवंबर को जंगीगंज बाजार में उनकी दुकान के सामने प्रार्थी के चाचा शेषधर को लाठी डंडा और सरिया से मारकर गंभीर चोटें पहुंचाई। उस घटना के संबंध में भी थाने में प्रथम सूचना रिपोर्ट अपराध संख्या 417 को एनसीआर संख्या 458 दर्ज कराई गई। इन्द्रजीत ने पुलिस अधीक्षक से आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग की है।

वहीदा में अनियंत्रित कार पेड़ से भिड़ी, चालक बाल बाल बचा।

भदोही। ऊंज थाना क्षेत्र के वहीदा में सुरियावां- कलिंजरा मार्ग पर रविवार को पेट्रोल पंप के पास एक अनियंत्रित कार सड़क के किनारे स्थित एक पेड़ से टकरा गई।
जानकारी के मुताबिक सुरियावां मार्ग पर वहीदा में स्थित एक युवक कार से हाइवे के तरफ जा रहा था कि रफ्तार अधिक होने से कार अनियंत्रित हो गई। और जाकर पेड़ से टकरा गई। स्थानीय लोगो ने इसकी सूचना पुलिस को दी। ऊंज थाना अध्यक्ष सुशील त्रिपाठी मयफोर्स घटनास्थल पर पहुच कर मामले की जानकारी ली। और कार को बाहर निकलवाया। हालांकि कार में केवल चालक था यह सौभाग्य रहा कि किसी को चोट नही लगी।

भारतीय किसान मजदूर यूनियन स्वदेशी” भदोही के जिला पदाधिकारियों की बैठक संपन्न….


आज दिनांक 8 नवंबर दिन रविवार को जिला अध्यक्ष संतोष वर्मा के नेतृत्व में दत्तोपंत ठेंगड़ी सभागार मे जिला कार्यकारिणी सदस्यों की एक बैठक आहुति की गई थी। जिसमें “भारतीय किसान मजदूर यूनियन स्वदेशी” के रीतियों – नीतियों एवं कार्य शैली के विषय पर चर्चा हुई। जिले में किसानों मजदूरों के हितों के विषय में चर्चा करते हुए वक्ता संतोष शुक्ला, नरेंद्र मिश्रा, प्रदीप सिंह (सिंपू), ने किसानों के लिए खाद, बीज, तथा जल सिंचाई के संसाधनों के ऊपर विशेष जोर दिया! जबकि जिले के व्यवसाय, व्यापारिक हित के विषय में वक्ता रंजीत कुमार गुप्ता, नीरज वर्मा, पंकज रावत व पवन कुमार श्रीवास्तव ने जोरदार अभिव्यक्ति प्रस्तुत की, व्यापारिक विकास को लेकर शासन और प्रशासन से मुखर होने की बात कही है।
बैठक में उपस्थित लोगों में सर्वश्री राजेश प्रताप सिंह प्रदेश महामंत्री, जिलाध्यक्ष: संतोष वर्मा, व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष रंजीत कुमार गुप्ता, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष नरेंद्र मिश्रा (विराट), आनंद सोनी, समर शुक्ला, संतोष कुमार शुक्ला, पंकज रावत (राजू), प्रदीप सिंह (सिंपू), नीरज वर्मा, जय सिंह, पवन कुमार श्रीवास्तव, इत्यादि लोग उपस्थित थे ।

मऊरामशाला के ग्रामप्रधान ने साढ़े तीन सौ महिलाओं को बांटा बर्तन मिष्ठान और कपड़ा।

भदोही। जिले में जहां कई ग्राम अपने गलत कार्यो से आगामी चुनाव में लडने के योग्य नही बचे है। और उनके खिलाफ ग्राम सभा में काफी नाराजगी है। लेकिन जिले में ऐसे भी कुछ ग्राम प्रधान है जो सच में अपने कार्यो से मिशाल पेश करते है।
एक ऐसे ही अभोली ब्लाक के मऊरामशाला की ग्राम प्रधान है। जो आये दिन ग्रामसभा के लोगों के लिए कुछ खास आयोजन जरूर करती है। चाहे वह गरीब महिलाओ को अनाज, बर्तन या अन्य सामग्री हो वितरित करती है। कभी छाता, कभी टार्च कभी अन्य सामग्री का वितरण करती है। इसी क्रम में रविवार को करीब साढ़े तीन सौ महिलाओ को मीठा, माला, चावल, कड़ाही और साड़ी का वितरण किया। इस मौके पर आचार्य त्रिवेणी प्रसाद शुक्ला,जगदम्बा शुक्ला,विक्रम शुक्ला,लालाजी उपाध्याय, मास्टर शुक्ला, अनिल हरिजन,अठाई सरोज, सिंटू अली समेत कई लोग मौजूद रहे।